QR कोड और नए ऐप से Aadhaar वेरिफिकेशन होगा आसान, UIDAI की नई घोषणा
अब होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाओं को ग्राहकों के आधारकार्ड की फोटोकॉपी रखने की जरूरत नहीं। UIDAI ने QR कोड और नए ऐप के माध्यम से आसान वेरिफिकेशन सिस्टम की घोषणा की।
📌 मुख्य बातें
फोटोकॉपी पर प्रतिबंध
अब संस्थाओं को आधार की फोटोकॉपी रखने की अनुमति नहीं
नया ऐप आ रहा
UIDAI नया ऐप लॉन्च कर रहा है जो बीटा टेस्टिंग में है
सुरक्षित वेरिफिकेशन
केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्ट किए बिना ऑफलाइन वेरिफिकेशन
समय सीमा
अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू होने की संभावना
नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाओं को अब ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें एक नई तकनीक मिलेगी जिसके माध्यम से वे QR कोड स्कैन या नए आधार ऐप से व्यक्ति की पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
"इस नए नियम का उद्देश्य कागज आधारित वेरिफिकेशन को रोकना है और डिजिटल तरीके से सुरक्षित पहचान सत्यापन को बढ़ावा देना है।"
- भुवनेश कुमार, सीईओ, UIDAI
QR कोड वेरिफिकेशन
स्कैन करने पर तुरंत पहचान सत्यापन
नए सिस्टम की विशेषताएं
ऑफलाइन वेरिफिकेशन
हर बार केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्ट होने की आवश्यकता नहीं
API इंटीग्रेशन
संस्थान अपने सिस्टम में सीधे वेरिफिकेशन जोड़ सकेंगे
सुरक्षा बढ़ोतरी
Digital Personal Data Protection Act के अनुरूप
कागज बचत
फोटोकॉपी की आवश्यकता समाप्त
समय बचत
त्वरित और कुशल पहचान सत्यापन
यूजर अपडेट
उपयोगकर्ता ऐप से पता अपडेट और परिवार जोड़ सकते हैं
लागू होने का समयरेखा
बीटा टेस्टिंग
नए ऐप का परीक्षण चल रहा है
पायलट प्रोजेक्ट
चुनिंदा शहरों में शुरुआत
राष्ट्रीय विस्तार
प्रमुख संस्थानों में लागू
पूर्ण कार्यान्वयन
पूरे देश में लागू
नए सिस्टम के लाभ
उपयोगकर्ताओं के लिए
- फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं
- डेटा सुरक्षा बढ़ेगी
- त्वरित वेरिफिकेशन
- पता अपडेट की सुविधा
संस्थानों के लिए
- कागजी कार्रवाई कम
- स्टोरेज लागत घटेगी
- ग्राहक अनुभव बेहतर
- कानूनी अनुपालन आसान
राष्ट्र के लिए
- डिजिटल इंडिया को बढ़ावा
- कागज बचत पर्यावरण हितैषी
- साइबर सुरक्षा मजबूत
- प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह नया सिस्टम कब तक लागू होगा?
पूरी तरह से लागू होने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है। हालांकि, बीटा टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।
2. क्या मुझे अब आधार की फोटोकॉपी देनी होगी?
नहीं, नए नियम के तहत संस्थाओं को आपसे आधार की फोटोकॉपी लेने की अनुमति नहीं होगी। वे QR कोड या ऐप से वेरिफिकेशन करेंगे।
3. यह सिस्टम कहां इस्तेमाल होगा?
होटल, एयरपोर्ट, दुकानें, बैंक, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थान जहां पहचान सत्यापन की आवश्यकता होती है।
4. क्या यह सिस्टम ऑफलाइन काम करेगा?
हां, नया ऐप ऑफलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा देगा जिसमें हर बार इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगी।
निष्कर्ष
UIDAI का यह नया कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह न केवल आधार वेरिफिकेशन को आसान और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि नागरिकों की निजता और डेटा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। कागज रहित और डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया से समय और संसाधनों की बचत होगी, जो पर्यावरण के लिए भी लाभदायक होगा।
तैयार रहें!
नए ऐप की रिलीज के लिए UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट और अधिकृत चैनलों पर नजर रखें।
स्रोत: PTI, UIDAI प्रेस विज्ञप्ति | अंतिम अपडेट: हाल ही में
QR कोड और नए ऐप से Aadhaar वेरिफिकेशन होगा आसान, UIDAI की नई घोषणा
अब होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाओं को ग्राहकों के आधारकार्ड की फोटोकॉपी रखने की जरूरत नहीं। UIDAI ने QR कोड और नए ऐप के माध्यम से आसान वेरिफिकेशन सिस्टम की घोषणा की।
📌 मुख्य बातें
फोटोकॉपी पर प्रतिबंध
अब संस्थाओं को आधार की फोटोकॉपी रखने की अनुमति नहीं
नया ऐप आ रहा
UIDAI नया ऐप लॉन्च कर रहा है जो बीटा टेस्टिंग में है
सुरक्षित वेरिफिकेशन
केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्ट किए बिना ऑफलाइन वेरिफिकेशन
समय सीमा
अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू होने की संभावना
नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाओं को अब ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें एक नई तकनीक मिलेगी जिसके माध्यम से वे QR कोड स्कैन या नए आधार ऐप से व्यक्ति की पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
"इस नए नियम का उद्देश्य कागज आधारित वेरिफिकेशन को रोकना है और डिजिटल तरीके से सुरक्षित पहचान सत्यापन को बढ़ावा देना है।"
- भुवनेश कुमार, सीईओ, UIDAI
QR कोड वेरिफिकेशन
स्कैन करने पर तुरंत पहचान सत्यापन
नए सिस्टम की विशेषताएं
ऑफलाइन वेरिफिकेशन
हर बार केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्ट होने की आवश्यकता नहीं
API इंटीग्रेशन
संस्थान अपने सिस्टम में सीधे वेरिफिकेशन जोड़ सकेंगे
सुरक्षा बढ़ोतरी
Digital Personal Data Protection Act के अनुरूप
कागज बचत
फोटोकॉपी की आवश्यकता समाप्त
समय बचत
त्वरित और कुशल पहचान सत्यापन
यूजर अपडेट
उपयोगकर्ता ऐप से पता अपडेट और परिवार जोड़ सकते हैं
लागू होने का समयरेखा
बीटा टेस्टिंग
नए ऐप का परीक्षण चल रहा है
पायलट प्रोजेक्ट
चुनिंदा शहरों में शुरुआत
राष्ट्रीय विस्तार
प्रमुख संस्थानों में लागू
पूर्ण कार्यान्वयन
पूरे देश में लागू
नए सिस्टम के लाभ
उपयोगकर्ताओं के लिए
- फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं
- डेटा सुरक्षा बढ़ेगी
- त्वरित वेरिफिकेशन
- पता अपडेट की सुविधा
संस्थानों के लिए
- कागजी कार्रवाई कम
- स्टोरेज लागत घटेगी
- ग्राहक अनुभव बेहतर
- कानूनी अनुपालन आसान
राष्ट्र के लिए
- डिजिटल इंडिया को बढ़ावा
- कागज बचत पर्यावरण हितैषी
- साइबर सुरक्षा मजबूत
- प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह नया सिस्टम कब तक लागू होगा?
पूरी तरह से लागू होने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है। हालांकि, बीटा टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।
2. क्या मुझे अब आधार की फोटोकॉपी देनी होगी?
नहीं, नए नियम के तहत संस्थाओं को आपसे आधार की फोटोकॉपी लेने की अनुमति नहीं होगी। वे QR कोड या ऐप से वेरिफिकेशन करेंगे।
3. यह सिस्टम कहां इस्तेमाल होगा?
होटल, एयरपोर्ट, दुकानें, बैंक, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थान जहां पहचान सत्यापन की आवश्यकता होती है।
4. क्या यह सिस्टम ऑफलाइन काम करेगा?
हां, नया ऐप ऑफलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा देगा जिसमें हर बार इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगी।
निष्कर्ष
UIDAI का यह नया कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह न केवल आधार वेरिफिकेशन को आसान और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि नागरिकों की निजता और डेटा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। कागज रहित और डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया से समय और संसाधनों की बचत होगी, जो पर्यावरण के लिए भी लाभदायक होगा।
तैयार रहें!
नए ऐप की रिलीज के लिए UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट और अधिकृत चैनलों पर नजर रखें।
स्रोत: PTI, UIDAI प्रेस विज्ञप्ति | अंतिम अपडेट: हाल ही में
QR कोड और नए ऐप से Aadhaar वेरिफिकेशन होगा आसान, UIDAI की नई घोषणा
अब होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाओं को ग्राहकों के आधारकार्ड की फोटोकॉपी रखने की जरूरत नहीं। UIDAI ने QR कोड और नए ऐप के माध्यम से आसान वेरिफिकेशन सिस्टम की घोषणा की।
📌 मुख्य बातें
फोटोकॉपी पर प्रतिबंध
अब संस्थाओं को आधार की फोटोकॉपी रखने की अनुमति नहीं
नया ऐप आ रहा
UIDAI नया ऐप लॉन्च कर रहा है जो बीटा टेस्टिंग में है
सुरक्षित वेरिफिकेशन
केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्ट किए बिना ऑफलाइन वेरिफिकेशन
समय सीमा
अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू होने की संभावना
नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाओं को अब ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें एक नई तकनीक मिलेगी जिसके माध्यम से वे QR कोड स्कैन या नए आधार ऐप से व्यक्ति की पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
"इस नए नियम का उद्देश्य कागज आधारित वेरिफिकेशन को रोकना है और डिजिटल तरीके से सुरक्षित पहचान सत्यापन को बढ़ावा देना है।"
- भुवनेश कुमार, सीईओ, UIDAI
QR कोड वेरिफिकेशन
स्कैन करने पर तुरंत पहचान सत्यापन
नए सिस्टम की विशेषताएं
ऑफलाइन वेरिफिकेशन
हर बार केंद्रीय डेटाबेस से कनेक्ट होने की आवश्यकता नहीं
API इंटीग्रेशन
संस्थान अपने सिस्टम में सीधे वेरिफिकेशन जोड़ सकेंगे
सुरक्षा बढ़ोतरी
Digital Personal Data Protection Act के अनुरूप
कागज बचत
फोटोकॉपी की आवश्यकता समाप्त
समय बचत
त्वरित और कुशल पहचान सत्यापन
यूजर अपडेट
उपयोगकर्ता ऐप से पता अपडेट और परिवार जोड़ सकते हैं
लागू होने का समयरेखा
बीटा टेस्टिंग
नए ऐप का परीक्षण चल रहा है
पायलट प्रोजेक्ट
चुनिंदा शहरों में शुरुआत
राष्ट्रीय विस्तार
प्रमुख संस्थानों में लागू
पूर्ण कार्यान्वयन
पूरे देश में लागू
नए सिस्टम के लाभ
उपयोगकर्ताओं के लिए
- फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं
- डेटा सुरक्षा बढ़ेगी
- त्वरित वेरिफिकेशन
- पता अपडेट की सुविधा
संस्थानों के लिए
- कागजी कार्रवाई कम
- स्टोरेज लागत घटेगी
- ग्राहक अनुभव बेहतर
- कानूनी अनुपालन आसान
राष्ट्र के लिए
- डिजिटल इंडिया को बढ़ावा
- कागज बचत पर्यावरण हितैषी
- साइबर सुरक्षा मजबूत
- प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह नया सिस्टम कब तक लागू होगा?
पूरी तरह से लागू होने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है। हालांकि, बीटा टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।
2. क्या मुझे अब आधार की फोटोकॉपी देनी होगी?
नहीं, नए नियम के तहत संस्थाओं को आपसे आधार की फोटोकॉपी लेने की अनुमति नहीं होगी। वे QR कोड या ऐप से वेरिफिकेशन करेंगे।
3. यह सिस्टम कहां इस्तेमाल होगा?
होटल, एयरपोर्ट, दुकानें, बैंक, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थान जहां पहचान सत्यापन की आवश्यकता होती है।
4. क्या यह सिस्टम ऑफलाइन काम करेगा?
हां, नया ऐप ऑफलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा देगा जिसमें हर बार इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगी।
निष्कर्ष
UIDAI का यह नया कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह न केवल आधार वेरिफिकेशन को आसान और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि नागरिकों की निजता और डेटा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। कागज रहित और डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया से समय और संसाधनों की बचत होगी, जो पर्यावरण के लिए भी लाभदायक होगा।
तैयार रहें!
नए ऐप की रिलीज के लिए UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट और अधिकृत चैनलों पर नजर रखें।
स्रोत: PTI, UIDAI प्रेस विज्ञप्ति | अंतिम अपडेट: हाल ही में

